Monday, October 26, 2009

ब्लॉग जगत के दर्द को साझा करते,अमिताभ बच्चन


आजकल ब्लॉग जगत कई विवादों से घिरा हुआ है....इलाहाबाद में हुई संगोष्ठी पर भी कई लोगों ने लिखा है....एक जगह पढ़ा, स्वनामधन्य नामवर सिंह ने ब्लॉग जगत के अस्तित्व को ही नकार दिया था...और अब भी उन्हें काफी शिकायतें हैं....हिंदी,अंग्रेजी मीडिया के इस पक्षपातपूर्ण रवैये पर 'अमिताभ बच्चन' भी उतने ही व्यथित हैं....उन्होंने आज के अपने पोस्ट में इस दर्द से बखूबी परिचित कराया है...प्रस्तुत है, उनके ब्लॉग से उधृत अंश..

" The media dislikes the blog not because I write on it without their consent. The media dislikes the blog because we have created a family of devoted members in the shape of our FmXt, which believes me and not them.

My prayer therefore to all our extended family. Let us continue to grow so exponentially that we become a force to reckon with. A force that shall challenge those that challenge us. A force that shall question those that question us. A force that shall stand up and defend our right to express. A force that shall not be weak and vulnerable. A force that shall not bend before injustice and wrongful blame. A force that shall have its own voice.

A VOICE THAT SHALL BE HEARD AND FEARED … !!!

So help me God

Amitabh Bachchan

28 comments:

P.N. Subramanian said...

अमिताभ जी की बातें तो एकदम जायज़ हैं. हमतो समर्थन करेंगे.इस प्रस्तुति के लिए आभार.

दर्पण साह "दर्शन" said...

aakhir wo bhi to
Allahabad ke hi hain na.....

PS: my list is very long when it comes to books...

चण्डीदत्त शुक्ल said...

मीडिया के चंद लोग समाज का कर्णधार बनने की कोशिश करते हैं...ये रवैया तालिबानी मानसिकता की झलक ही पेश करता है. किसी को भी किसी की अभिव्यक्ति पर पाबंदी लगाने का हक़ नहीं है. अमिताभ बच्चन के व्यक्तिगत प्रसंग के संदर्भ क्या हैं...नहीं पता, पर ये सच है कि न्यू मीडिया की ताक़त इतनी ज्यादा बढ़ती जा रही है कि उसके आगे बढ़ते क़दम कोई नहीं थाम सकता. अच्छी पेशकश...सांझा करने के लिए शुक्रिया.

अविनाश वाचस्पति said...

रश्मि जी इन विचारों को साझा करने के लिए आभार। एक हकीकत है यह। ब्‍लॉग की आग की ताकत का अभी भरपूर अंदाजा कोई नहीं लगा सका है पर मैंने तो लाभ उठाना भी शुरू कर दिया है और भी बहुत सारे उठा रहे हैं, ऐसा भार है ये, जिसे उठाने से कोई नहीं कतरा रहा है। कतरा रहे हैं लोग दूसरे की ख्‍याति से। पर अपने कार्यों की फेहरिस्‍त बढ़ाएं और खुद ही प्रख्‍यात हो जाएं। विवाद पैदा करने से प्रख्‍यात नहीं कुख्‍यात हुआ जाता है।

दर्पण साह "दर्शन" said...

My prayer therefore to all our extended family. Let us continue to grow so exponentially that we become a force to reckon with. A force that shall challenge those that challenge us.

AMIN !!

cmpershad said...

अमिताभ जी के विचारों को इलाहाबाद संगोष्टी से जोडना क्य विषय को कन्फ़्यूज़ करना नहीं है?

rashmi ravija said...

बिलकुल नहीं क्यूंकि जहाँ तक मेरी याददाश्त साथ देती है,कहीं पढ़ा कि नामवर जी ने कहा--'अगर स्तर नहीं सुधरा तो सरकार हस्तक्षेप करेगी'...स्तर ना हो तो लोग खुद ही नहीं पढेंगे....हस्तक्षेप की आड़ में बहुत राजनीति हो सकती है....अमिताभ बच्चन के पोस्ट का उल्लेख अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर ही है....फिर कन्फ्यूज़न कैसा??

अविनाश वाचस्पति said...

@ सी एम प्रसाद


कन्‍फ्यूजन होगा तभी तो फ्यूज उड़ेगा
फ्यूज उड़ेगा तभी तो न्‍यूज बनेगी
न्‍यूज के बिना ब्‍लॉगिंग की अभिव्‍यक्ति
क्‍या जमेगी ?

इलाहाबाद में भी अमरूद नहीं खाए गए
वहां भी कन्‍फ्यूजन के फ्यूज उड़ाए गए
आपने न्‍यूज तो देखी होंगी
नामवर ऐसे ही तो नामवर नहीं कहलाए।

महफूज़ अली said...

नामवर सिंह ने ब्लॉग जगत के अस्तित्व को ही नकार दिया था.... Naamvar ji ke baare mein ek baat bata doon ki yeh publishers ko paisa deke khud ko chhapwaate hain..... ekdum danka baja ke yeh baat kah raha hoon.... inki apni lobby hai..... inko bada kharaab lagta hai ki kuch talented log inke area mein sendh maaren....... ab blog jagat ke log naamvar ji ko takkar de rahen hain to inhein pareshani to hogi hi... to inke nakaar dene se kya hoga.....????



yeh aise shakhs hain.... jinke baarey mein yeh mashhoor hai ki yeh kisi ko panapta nahin dekh sakte.... meri to inse kuch talkhiyat hai.... to aap aisa bhi maan sakte hain ki main chidh kar yeh sab kah raha hoon..... yeh meri apni personal sharing hai.... par itna jaanta hoon jo inko paas se jaante hain.....wo bhi inke baare mein aisa hi view rakhte hain.....

waise hum inke aage bachche hi hain..... hum inki respect karte hain..... bas! hamare wajood ko koi na nakaare to sab thik hai.......

rahi baat amitabh bachchan ki to yeh bhi kam nahin hain..... jab tak ke inke baare mein positive bola jayega to khush rahenge, aur zara ssa negative hua to bharra bharra ke chillayenge..... angrezi media ne zara sa negative likh diya to lage rone dhone.....kapde phaad ke.....

inko sahanubhuti pe jeene ki aadat ho gayi hai..... abhi negative likha hai na isliye chilla rahe hain.... abhi positive likhte to bahut rehte.....

शरद कोकास said...

ये बहुत बडे लोग हैं रश्मि जी .इन्हे किसी चीज़ से कोई फर्क नहीं पडने वाला .नामवर जी ब्लॉग के बारे मे कुछ न भी कहते और अमिताभ जी ब्लॉग न भी लिखते तो कोई फर्क नही पड़ता । हम लोग इस राजनीति में न रहे और अपने लेखन से सरोकार रखें तो ही ठीक है .लेकिन इसका यह अर्थ भी नहीं कि सही जगह विरोध न करें । लेकिन लेखन सर्वोपरि है । कृपया इस विषय पर नामवर जी के विचार यहाँ देखें ब्लॉग "आलोचक" http://sharadkokaas.blogspot.com

विनोद कुमार पांडेय said...

कोई कुछ भी कहे हमें बस अपने मन से चलना है बस लिखना है तो लिखना है ...जो भी दिल में आए किसी एक के नकार देने से कोई अस्तित्व ख़तम नही होता..सब कुछ चलता रहता है..बढ़िया चर्चा..पर सब कुछ ठीक हो जाएगा..

रश्मि प्रभा... said...

sharad ji ne sahi kaha,bilkul sahi

Udan Tashtari said...

आभार इस अंश को लाने का.

Kishore Choudhary said...

ये एक ओपन स्पेस है, दुनिया की आबादी का एक प्रतिशत जब इसका उपयोग करने लगेगा तब क्या होगा सोचिये ? अभी तो सब अपने आईने में खुद को ही देख करआत्ममुग्ध हैं .

Dr. Smt. ajit gupta said...

आज मीडिया और नामवर सिंह जैसे मठाधीशों ने विचार और समाचार दोनों का ही ठेका ले लिया है। इसी कारण अमिताभ बच्‍चन जैसे लोग भी व्‍यथित हैं। ब्‍लाग के कारण आज आम व्‍यक्ति के विचार और आम जन के समाचार भी सामने आने लगे हैं तब मीडिया और ऐसे मठाधीशों का सिंहासन तो डोलेगा ही न?

कुश said...

आगे आगे देखिये होता है क्या..

दर्पण साह "दर्शन" said...

Iftada e blog hain rota hai kya?
(pre continued from kush's comment)

मुनीश ( munish ) said...

thanx for the quotes but it is useless to connect Allahabad meet with Amit ji !
maykhaana.blogspot.com

rashmi ravija said...

@Munish
Everybody is entitled to his/her own opinion...bt i dnt think it ws completely irrelevant to mention Amitabh's post as Hindi Bloggers and Amtabh, both r upset over the way Media treats them.

neelima sukhija arora said...

even i agree with bachan sahab that this is a way to express ourself and noone can stop us from this. other mediums will be scared let them be.

अनिल कान्त : said...

बच्चन जी से सहमत हैं.

MANOJ KUMAR said...

सभी ब्लॉगरों कीतरफ से मुझे बस इतना कहना है
हम वो पत्ते नहीं जो शाख से टूट कर गिर जाए
कह दो आंधियों से अपनी औकात में रहें।

mamta said...

Long live blog and bloggers.

raj said...

i agree wid mr bachan...The media dislikes the blog because we have created a family of devoted members in the shape of our FmXt, which believes me and not them...i do agree....

Ashish said...

Blogging, Vicharo ki abhivyakti ki naveen vidha hai aur mai nahi samjhata ki lekihni ki kisi aur vidha ko blogging se Irshya bhav rakhna chahiye. Jaha Tak Shri Namvar singh ji ke vicharo ki bat hai, wo alochak hai aur unko swasth alochna karna chahiye na ki kisi vidha ko samapt hone ki anushansa ya bhavisyavani.

प्रवीण शुक्ल (प्रार्थी) said...

RASHMI JI MAI BHI AMIT JI AUR AAP KE SAATH SAHMAT HUN AUR VYATHIT HUN

SAADAR
PRAVEEN PATHIK
9971969084

शोभना चौरे said...

shard kokasji ki bat se shmat hoo .ham apne kary kre kisi ko khrab bnakar aap achhe nhi ban skte .

Mithilesh dubey said...

बच्चन जी का कहना सही है ।